सरगुजा संभाग के जंगलों में हाथियों के रहन-सहन और चलने के तरीके में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले 70-80 हाथियों के बड़े झुंड साथ घूमते थे, लेकिन अब वे 15-20 के छोटे समूहों में बंट गए हैं। वन्यजीव विशेषज्ञ इसे जंगलों के सिकुड़ने, हाथी गलियारों के बाधित होने और संसाधनों की कमी का परिणाम मान रहे हैं।
खनन, सड़क निर्माण और बढ़ती बस्तियों के कारण हाथियों का प्राकृतिक आवास लगातार प्रभावित हो रहा है। इससे हाथी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं, जिसके कारण मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं भी बढ़ रही हैं
