बिलासपुर क्षेत्र में चल रहे एसईसीएल (साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के एफएमसी (फर्स्ट माइलेज कनेक्टिविटी) प्रोजेक्ट को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व गृह मंत्री ननकी राम कंवर ने इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखते हुए शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रोजेक्ट के कार्यों में जानबूझकर विलंब किया जा रहा है। बिलासपुर मुख्यालय में पदस्थ जीएम साइडिंग (एचओडी) अशोक कुमार पटनायक पर आरोप है कि वे निजी हितों को ध्यान में रखते हुए प्रोजेक्ट की गति को धीमा कर रहे हैं।
देश की प्रमुख कोयला खदानों—गेवरा, कुसमुंडा और दीपका—में एफएमसी के तहत रेलवे साइडिंग, ओवरब्रिज और नई रेल लाइन जैसे कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। लेकिन इन कार्यों की प्रगति अपेक्षित नहीं है, जिससे कोयला परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
ननकी राम कंवर का मानना है कि इस प्रकार की गड़बड़ियां देश की ऊर्जा आपूर्ति प्रणाली और कोयला उद्योग पर प्रतिकूल असर डाल सकती हैं। उन्होंने मांग की है कि इस प्रोजेक्ट में हो रही लापरवाहियों और अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो सके।
