July 31, 2026
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छत्तीसगढ़ के नर्सिंग कॉलेजों में बड़ी संकट स्थिति: 50% सीटें खाली, हाई परसेंटाइल कटऑफ पर एडमिशन अटका

छत्तीसगढ़ में बीएससी नर्सिंग सत्र 2025–26 के लिए काउंसलिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन राज्य के नर्सिंग कॉलेजों में 53% सीटें अब भी खाली रह गई हैं। कुल 7811 सीटों में से 4147 सीटें भरी नहीं जा सकी हैं। निजी नर्सिंग कॉलेजों ने इसे गंभीर बताते हुए कहा है कि उच्च परसेंटाइल के मानक के कारण बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ प्रवेश से वंचित हो रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने भी माना है कि छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल राज्य में हाई कटऑफ हासिल करना मुश्किल है, क्योंकि ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों का प्रदर्शन औसतन कम होता है। विभाग ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) को भेजे गए पत्र में कटऑफ बाध्यता हटाने और जीरो परसेंटाइल तक एडमिशन की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है।

इस साल नए आवेदन मंगाए जाने और पहले चरण की काउंसलिंग पूरी होने के बाद भी आधी से ज्यादा सीटें भर नहीं पाईं। इससे छात्रों के भविष्य को लेकर संशय बढ़ गया है। निजी नर्सिंग कॉलेज संघ ने स्पष्ट कहा है कि अगर कटऑफ हटाई नहीं गई तो एडमिशन प्रक्रिया अधूरी रह जाएगी और कई संस्थानों पर अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है।

पिछले कुछ वर्षों से छत्तीसगढ़ में नर्सिंग एडमिशन प्रक्रिया में कटऑफ को लेकर उलझन जारी है। कई बार सीटें खाली रहने पर न्यूनतम परसेंटाइल की शर्त को घटाया—यहाँ तक कि 5 परसेंटाइल तक लाया—गया है। INC की मंजूरी मिलने पर छात्रों को 31 दिसंबर 2025 तक एडमिशन का मौका मिल सकता है।

स्वास्थ्य निदेशालय ने INC को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसके बाद माना जा रहा है कि इस वर्ष भी नर्सिंग प्रवेश नियमों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है ताकि कॉलेजों की सीटें भरी जा सकें और प्रवेश प्रक्रिया लंबी न खिंचे।

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