बिलासपुर। शहर में देर रात तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला, जब खाना खाने निकले छह दोस्तों की कार अनियंत्रित होकर तीन बार पलट गई और झाड़ियों में जा घुसी। भयावह हादसे में पीएससी की तैयारी कर रहे ईशु रत्नाकर सहित दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हादसा कोनी थाना क्षेत्र में हुआ।
खाना खाने निकले थे छह दोस्त, रात में लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, सक्ती जिले के डभरा क्षेत्र के ग्राम खरकेना निवासी आर्यन रत्नाकर ने बताया कि वह एलएलबी का छात्र है और अपने बड़े भाई ईशु रत्नाकर (26) के साथ बिलासपुर में रहकर पढ़ाई करता है। ईशु पीएससी की तैयारी कर रहा था।
7 दिसंबर की देर रात ईशु अपने दोस्तों—भास्कर राजपूत (22), अभिषेक वर्मा, शेखर चंद्रवंशी, श्याम सिंह राजपूत और एक अन्य युवक के साथ रतनपुर रोड की ओर खाना खाने जा रहा था। कार ईशु चला रहा था, जबकि भास्कर उसके बगल की सीट पर बैठा था। बाकी चार दोस्त पीछे बैठे थे।
कोनी थाना पार करते ही स्पीड बनी जानलेवा
बताया जा रहा है कि कोनी थाना क्षेत्र पार करने के बाद उनकी कार तेज रफ्तार में थी। कुछ ही दूरी पर गाड़ी अचानक अनियंत्रित हो गई और देखते ही देखते सड़क से नीचे उतरकर पलट गई। कार तीन बार पलटी मारते हुए सड़क किनारे झाड़ियों में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई।
मौके पर ही दो छात्रों की मौत, चार घायल
हादसे के बाद स्थानीय राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
ईशु रत्नाकर और भास्कर राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य चार साथी गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं और उनका इलाज जारी है।
परिजन पहुंचे अस्पताल, शव भेजा गया पोस्टमॉर्टम के लिए
घटना की सूचना मिलते ही रविवार देर रात परिजन अस्पताल पहुंचे। सोमवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसके बाद परिजन शव को लेकर गृहग्राम रवाना हो गए। वहीं, घायल छात्रों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है।
स्पीड और नियंत्रण खोने से हुआ हादसा
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और अचानक नियंत्रण खोने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
