छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक धर्मांतरित महिला के अंतिम संस्कार को लेकर देर रात तक विवाद की स्थिति बनी रही। मृतका की पहचान पुनिया बाई (65 वर्ष) के रूप में हुई है, जिन्होंने करीब दो वर्ष पूर्व ईसाई धर्म अपनाया था। बुधवार को उनकी मृत्यु के बाद परिजन शव को दफनाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन गांव के लोगों और हिंदू संगठनों ने इसका विरोध कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि महिला का जीवन और पारिवारिक परंपराएं हिंदू रहीं, ऐसे में अंतिम संस्कार भी हिंदू रीति-रिवाज से होना चाहिए। विरोध बढ़ने पर गांव में तनाव का माहौल बन गया और स्थिति को संभालने के लिए पुलिस व प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। देर रात तक चली बातचीत और समझाइश के बाद गुरुवार को एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें दोनों पक्षों को सुना गया।
प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए शांति बनाए रखने की अपील की। कई घंटों की चर्चा के बाद मृतका के परिजनों ने सहमति जताई कि अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाज से किया जाएगा। इसके बाद शुक्रवार दोपहर को महिला का अंतिम संस्कार विधिवत रूप से संपन्न कराया गया। परिजनों ने इस दौरान ईसाई धर्म त्यागने से संबंधित एक सहमति पत्र भी प्रशासन को सौंपा।
गौरतलब है कि इससे पहले 18 दिसंबर को कोंकेर जिले के बड़े तेवड़ा गांव में भी इसी तरह का विवाद सामने आया था, जहां शव दफनाने को लेकर धर्मांतरित और आदिवासी समुदाय के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। उस घटना में दोनों पक्षों के बीच मारपीट, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थीं।
धमतरी की घटना में समय रहते प्रशासनिक हस्तक्षेप से हालात बिगड़ने से बच गए। पुलिस का कहना है कि गांव में शांति बनी हुई है और किसी भी प्रकार की अफवाह या तनावपूर्ण गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
