उत्तर प्रदेश भाजपा मुख्यालय में शनिवार को एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पार्टी पदाधिकारियों की कार्यशैली पर नाराज़गी जाहिर की। बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता SIR प्रक्रिया को लेकर ज़मीन पर सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। वे अपने समर्थकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के साथ-साथ भाजपा समर्थक मतदाताओं के नामों पर आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं। इसके विपरीत भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता अपेक्षित स्तर पर नहीं दिख रही, जो संगठन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पार्टी का काम धरातल पर दिखना चाहिए। यदि भाजपा कार्यकर्ता घर-घर जाकर सत्यापन नहीं करेंगे, तो फर्जी मतदाताओं पर लगाम लगाना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही परिवार में कई-कई फर्जी वोटर जोड़े जा रहे हैं और रिश्तेदारी का सहारा लेकर अवैध तरीके से नाम शामिल कराए जा रहे हैं। ऐसे मतदाताओं की पहचान कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाना बेहद जरूरी है।
बैठक के दौरान भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में BLO स्तर पर गड़बड़ी हो रही है। उनका कहना था कि यादव और मुस्लिम समुदाय से जुड़े कुछ BLO, SIR प्रक्रिया में पक्षपात कर रहे हैं। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि समाजवादी पार्टी समर्थक ग्राम प्रधान फर्जी प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं, ताकि अवैध रूप से मतदाताओं की मैपिंग कराई जा सके।
भाजपा नेताओं ने दावा किया कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम भी रिश्तेदार बताकर मतदाता सूची में जोड़े जा रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिए कि ऐसे सभी मामलों की गहन जांच हो और किसी भी हाल में फर्जी वोटरों को सूची से बाहर किया जाए।
बैठक का निष्कर्ष यह रहा कि आगामी चुनावों को देखते हुए SIR प्रक्रिया को गंभीरता से लेना अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने संगठन को स्पष्ट संदेश दिया कि चुनावी मजबूती के लिए मतदाता सूची की शुद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
