छत्तीसगढ़ सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति को स्थायी रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल की है। अटलजी की 101वीं जयंती के अवसर पर 25 दिसंबर को राज्य के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ का एक साथ लोकार्पण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल 46 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत आएगी, जिसका उद्देश्य अटलजी के योगदान को जन-जन तक पहुँचाना और शहरी क्षेत्रों में सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों को नया केंद्र प्रदान करना है।
इस योजना के तहत राज्य के 11 नगर निगमों, 28 नगर पालिकाओं और 76 नगर पंचायतों में अटल परिसर विकसित किए गए हैं। प्रत्येक नगरीय निकाय को उसकी श्रेणी के अनुसार अनुदान दिया गया है। नगर निगमों को 50 लाख रुपये, नगर पालिकाओं को 30 लाख रुपये और नगर पंचायतों को 20 लाख रुपये की राशि निर्माण कार्य के लिए प्रदान की गई। इन परिसरों में अटलजी की प्रतिमा की स्थापना के साथ-साथ उद्यान, बैठक स्थल और सार्वजनिक गतिविधियों के लिए उपयोगी संरचनाएँ विकसित की गई हैं।
राज्य सरकार ने यह योजना केंद्र सरकार के ‘महात्मा गांधी मॉडल’ की तर्ज पर तैयार की है। लोकार्पण कार्यक्रम वर्चुअल माध्यम से भी जोड़ा जाएगा, जिससे शेष नगरीय निकाय एक साथ इस आयोजन में भाग ले सकें। राजधानी रायपुर के अटल एक्सप्रेस-वे स्थित फुंडहर चौक पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अटल परिसर और अटलजी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे।
उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुसार, यह पहल केवल स्मारक निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शहरों को सुंदर, सुव्यवस्थित और सामाजिक रूप से सक्रिय बनाना है। अटल परिसर आने वाले समय में नागरिकों के लिए संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक आयोजनों का केंद्र बनेंगे।
सरकार का मानना है कि अटल बिहारी वाजपेयी का छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में ऐतिहासिक योगदान रहा है। उनकी जन्म शताब्दी वर्ष में शुरू की गई यह योजना उनके विचारों, मूल्यों और विकास-दृष्टि को चिरस्थायी रूप देने का प्रयास है। अटल परिसर के माध्यम से आने वाली पीढ़ियाँ भी अटलजी के व्यक्तित्व और कृतित्व से प्रेरणा ले सकेंगी।
