September 7, 2026
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बांग्लादेशी करेंसी से हटी शेख मुजीब की तस्वीर, नए नोटों में मंदिरों की झलक

बांग्लादेश ने अपनी करेंसी में बड़ा बदलाव करते हुए नए नोट जारी किए हैं, जिनमें देश के संस्थापक और ‘राष्ट्रपिता’ शेख मुजीबुर रहमान की तस्वीर को हटा दिया गया है। उनकी जगह नए नोटों में हिंदू-बौद्ध मंदिरों, ऐतिहासिक महलों और प्राकृतिक परिदृश्यों की तस्वीरें शामिल की गई हैं। यह कदम बांग्लादेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को बढ़ावा देने की दिशा में माना जा रहा है।

क्या है नया बदलाव?

बांग्लादेश बैंक ने रविवार (1 जून 2025) को 20, 50 और 1000 टका के नए नोट जारी किए। इनमें शेख मुजीब की तस्वीर के बजाय प्रसिद्ध चित्रकार ज़ैनुल आबेदीन की कलाकृतियां, प्राचीन मंदिर और प्राकृतिक दृश्य शामिल हैं। बैंक के प्रवक्ता अरिफ हुसैन खान ने कहा, “नए नोटों में किसी व्यक्ति की तस्वीर नहीं होगी। हमारा लक्ष्य देश की समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करना है।” बाकी संप्रदायों के नोट चरणबद्ध तरीके से जारी होंगे।

पुराने नोट भी रहेंगे चलन में

नए नोटों के साथ-साथ पुराने नोट और सिक्के, जिनमें शेख मुजीब की तस्वीर है, भी वैध रहेंगे। यह बदलाव बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के तहत हो रहा है, जिसका नेतृत्व नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस कर रहे हैं। सरकार देश की पहचान को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश में है।

राजनीतिक बदलाव का असर

यह बदलाव उस समय हुआ है, जब शेख मुजीब की बेटी और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पिछले साल अगस्त में छात्र-नेतृत्व वाले विद्रोह के बाद देश छोड़कर भारत में शरण लेनी पड़ी थी। उनके खिलाफ जनसंहार और मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में मुकदमा भी शुरू हुआ है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि करेंसी से शेख मुजीब की तस्वीर हटाना उनकी पार्टी अवामी लीग के प्रभाव को कम करने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है।

इतिहास में भी हुए ऐसे बदलाव

यह पहली बार नहीं है जब बांग्लादेश की मुद्रा में बदलाव राजनीति से प्रभावित हुआ है। 1972 में स्वतंत्रता के बाद शुरुआती नोटों में देश का नक्शा था। बाद में अवामी लीग के शासन में शेख मुजीब की तस्वीर जोड़ी गई। वहीं, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के शासनकाल में ऐतिहासिक स्थलों को प्राथमिकता दी गई थी।

नए नोटों का डिज़ाइन

नए नोटों में शामिल कुछ प्रमुख डिज़ाइन हैं:

  • हिंदू-बौद्ध मंदिर: प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर को दर्शाते हुए।
  • ऐतिहासिक महल: बांग्लादेश की समृद्ध वास्तुकला का प्रतीक।
  • प्राकृतिक परिदृश्य: देश की प्राकृतिक सुंदरता को उजागर करते हुए।
  • ज़ैनुल आबेदीन की कलाकृतियां: बांग्लादेश की कला को बढ़ावा देने के लिए।

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