40.6 C
Raipur
June 5, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

“घोटाले में उलझे अफसर की नहीं चली दलील: हाईकोर्ट ने टुटेजा की याचिका को दिखाया बाहर का रास्ता”

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले ने प्रदेश की राजनीति में जबरदस्त हलचल मचा दी है। इस मामले में अब तक कई प्रभावशाली नाम सामने आ चुके हैं, लेकिन सबसे बड़ा झटका उस समय लगा जब घोटाले में आरोपी पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की याचिका को बिलासपुर हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया।

अनिल टुटेजा ने अदालत से गुहार लगाई थी कि उनके खिलाफ चल रही जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) और पुलिस की कार्रवाइयों पर न्यायिक निगरानी रखी जाए। उनका दावा था कि यह कदम निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। लेकिन अदालत ने इस याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि जांच एजेंसियों को अपना काम करने देना चाहिए और अदालत इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी।

यह फैसला न केवल टुटेजा के लिए एक करारा झटका है, बल्कि यह स्पष्ट संकेत भी देता है कि अदालत भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी प्रकार की ढील बरतने के पक्ष में नहीं है। हाईकोर्ट के इस निर्णय ने यह संदेश दे दिया है कि कोई भी कितना भी बड़ा अधिकारी क्यों न हो, कानून की पकड़ से बच नहीं सकता।

इस घटनाक्रम से यह भी स्पष्ट होता है कि जांच एजेंसियों को अब खुली छूट मिल गई है कि वे निष्पक्ष और सख्ती से मामले की तह तक जाएं। टुटेजा जैसे वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाना यह दर्शाता है कि न्यायपालिका अब जनभावनाओं के अनुरूप भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की दिशा में और मुखर हो रही है।

आखिरकार, छत्तीसगढ़ की जनता अब जानना चाहती है कि इतने बड़े घोटाले के असली गुनहगार कौन हैं, और क्या कानून का डंडा सभी पर समान रूप से चलेगा?

 

Related posts

“बलरामपुर के स्कूल में शराबी शिक्षक का छात्राओं संग डांस VIDEO वायरल, बच्चियों ने कहा – स्कूल में डर लगता है

admin

महतारी सदन की तराई कर CM ने दिया संदेश – ‘काम में पारदर्शिता जरूरी’ अछोटी में अचानक पहुंचे सीएम, मुरमुंदा में 226 घरों की चाबी सौंपी

admin

साय सरकार में महिलाओं के लिए बड़ा तोहफा: प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन पर 50% छूट का ऐलान

admin

Leave a Comment