छत्तीसगढ़ की एक युवती के साथ जो हुआ, वह केवल एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक ढांचे पर बड़ा सवाल है। गरीबी और बेरोजगारी के बीच बेहतर भविष्य की तलाश में निकली एक लड़की को दलालों ने ऐसा जाल बिछाकर फँसाया कि उसकी पूरी ज़िंदगी नर्क बन गई।
यह घटना शुरू होती है जशपुर से, जहाँ से पीड़िता रोजगार की तलाश में अंबिकापुर पहुंची। वहीं उसकी मुलाकात दो दलालों से हुई – एक महिला और एक पुरुष, जिन्होंने उसे उत्तर प्रदेश में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा दिया। लेकिन यह सपना एक खौफनाक साज़िश में बदल गया।
युवती को एमपी के रास्ते यूपी ले जाया गया और सिर्फ ₹1 लाख में किसी व्यक्ति को बेच दिया गया। इसके बाद जबरन उसकी शादी करवा दी गई, उसकी मर्जी पूछे बिना, उसकी आवाज़ दबा दी गई। शादी महज एक पर्दा था, असलियत में वह यौन शोषण का शिकार बनी। उसके साथ कई बार बलात्कार किया गया, और उसे बंद कमरे में बंद कर दिया गया जहां वह मदद के लिए तरसती रही।
सौभाग्य से, पीड़िता की चचेरी बहन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस हरकत में आई और इस मानव तस्करी रैकेट का पर्दाफाश किया। अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें वह महिला और पुरुष दलाल भी शामिल हैं जिन्होंने सौदा तय किया था।
