रायपुर। क्या छत्तीसगढ़ का अब तक का सबसे बड़ा शराब घोटाला सिर्फ राज्य तक सीमित है या इसकी जड़ें राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तक फैली हैं? आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की हालिया कार्रवाई में ऐसे संकेत मिले हैं कि इस घोटाले का कनेक्शन दिल्ली, मुंबई, दुबई और सिंगापुर जैसे शहरों से है।
🧾 क्या है घोटाले का पूरा खेल?
EOW को जांच में पता चला है कि फर्जी दस्तावेज़, बेनामी कंपनियां, हवाला ट्रांजेक्शन, और काली शराब की अवैध फैक्ट्रियां — सबकुछ एक सुनियोजित सिंडिकेट के तहत चल रहा था। इस नेटवर्क की रीढ़ माने जा रहे हैं राज्य के बड़े शराब कारोबारी सिंघानिया और बिजलानी, जो हवाला ऑपरेटर चावड़ा के जरिए देश-विदेश में पैसे ट्रांसफर कर रहे थे।
🏗️ कैसे चलता था सिंडिकेट का नेटवर्क?
रॉ मटेरियल दिल्ली और मुंबई के गोदामों से आता था।
शराब की खेप अवैध रूप से छत्तीसगढ़ के कई ज़िलों में भेजी जाती थी।
पैसे की निकासी हवाला के जरिए दुबई और सिंगापुर भेजी जाती थी।
फर्जी फर्मों और बोगस बिलों के जरिए घाटे में दिखाकर टैक्स चोरी की जाती थी।
📍 अब तक की कार्रवाई
8 जिलों में छापेमारी
16 आरोपी चिन्हित
6 संदिग्ध कंपनियों के बैंक खाते सीज़
3 करोड़ से ज्यादा की नकदी जब्त
फर्जी दस्तावेज़, डिजिटल सबूत, और मोबाइल डेटा कब्जे में
🧑⚖️ EOW का बयान:
“यह संगठित आर्थिक अपराध है जिसकी परतें अभी खुल रही हैं। हम रैकेट के सरगनाओं तक पहुंचने के बेहद करीब हैं। कई अधिकारी और कारोबारी पूछताछ के घेरे में हैं।”
