कोलकाता में सामने आए सनसनीखेज गैंगरेप मामले ने समाज और न्याय व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में नाम सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल बार काउंसिल ने आरोपी वकील मनोजित मंडल की सदस्यता रद्द कर दी है।
पीड़िता ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में तीन लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था, जिनमें एक पेशे से वकील भी शामिल था। मामले की गंभीरता को देखते हुए बार काउंसिल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपी को तत्काल प्रभाव से वकालत से निलंबित कर दिया।
पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपी बयान बदल-बदलकर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। यह रवैया न सिर्फ जांच को प्रभावित कर रहा है, बल्कि न्याय की प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास भी है।
इस घटना ने वकालत पेशे की गरिमा और नैतिकता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में बार काउंसिल का कड़ा कदम एक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है कि यदि कोई कानून के क्षेत्र से जुड़ा व्यक्ति ही अपराध करता है, तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पीड़िता को उचित सुरक्षा और सहायता मुहैया कराई जा रही है।
