पुणे रेलवे स्टेशन के बाहर 6 जुलाई 2025 को देर रात 11:30 बजे के आसपास एक सनसनीखेज घटना हुई। 28 वर्षीय सूरज शुक्ला, जो उत्तर प्रदेश के वाराणसी का निवासी है, ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर धारदार कोयते से हमला करने की कोशिश की। केशरी कुर्ता पहने सूरज ने मूर्ति के चबूतरे पर चढ़कर उसकी छाती और पैरों पर वार करने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह मूर्ति का सिर काटने की धमकी दे रहा था और जोर-जोर से चिल्ला रहा था, “यह मूर्ति यहां नहीं चाहिए!”
पुलिस की कार्रवाई:
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तत्काल हस्तक्षेप: रेलवे स्टेशन पर मौजूद सुरक्षा गार्डों और कुछ यात्रियों ने सूरज को पकड़ लिया और पुणे रेलवे पुलिस को सौंप दिया।
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मामला दर्ज: पुणे पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 351(2) (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान) और 352 (सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश) के तहत मामला दर्ज किया। डीसीपी (जोन 2) मिलिंद मोहिते ने बताया कि सूरज मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत होता है। उसे मानसिक जांच के लिए ससून अस्पताल भेजा गया है।
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जांच का दायरा: CCTV फुटेज में सूरज को अकेले देखा गया, लेकिन पुलिस यह जांच रही है कि क्या वह किसी संगठन से जुड़ा था। सूरज का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, लेकिन उसका मोबाइल और सोशल मीडिया डेटा खंगाला जा रहा है।
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प्रतिमा की स्थिति: मूर्ति को मामूली खरोंच आई, लेकिन बड़ा नुकसान होने से बच गया।
सामाजिक प्रतिक्रिया:
घटना के बाद पुणे में आक्रोश फैल गया। पुणे शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने 7 जुलाई को सुबह 11 बजे मूर्ति स्थल पर विरोध प्रदर्शन किया। कमेटी अध्यक्ष अरविंद शिंदे ने कहा, “राष्ट्रपिता का अपमान देश का अपमान है। हम मांग करते हैं कि मूर्ति की सुरक्षा बढ़ाई जाए।” X पर यूजर्स ने इस कृत्य को शर्मनाक बताया। @aajtak ने ट्वीट किया, “पुणे में गांधी जी की मूर्ति पर हमला, क्या हम अपनी विरासत को भूल रहे हैं?” कुछ यूजर्स ने इसे मानसिक अस्थिरता से जोड़ा, तो कुछ ने सुनियोजित साजिश की आशंका जताई।
क्या है पूरा मामला?
सूरज शुक्ला पुणे में किराए के मकान में रहता था और मजदूरी करता था। पुलिस को शक है कि वह नशे की हालत में था, लेकिन उसने पूछताछ में कोई ठोस कारण नहीं बताया। यह घटना पुणे जैसे सांस्कृतिक शहर में सामाजिक तनाव का कारण बन सकती है, और पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है।
