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October 20, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति से दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था में सुधार

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दिशा-निर्देशन में लागू की गई शाला-शिक्षक युक्तियुक्तकरण नीति ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस नीति के अंतर्गत अतिरिक्त और रिक्त पदों का पुनर्गठन कर शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अब दूरस्थ अंचलों के विद्यालयों में भी नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ छात्रों को मिल रहा है।

कोरबा जिले के वनांचल क्षेत्र कोरकोमा की शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है। यहां 319 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। पहले शिक्षक कमी के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित होती थी और कई कालखंड खाली रह जाते थे। लेकिन युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के बाद शिक्षकों की पदस्थापना से अब सभी कक्षाएं नियमित रूप से संचालित हो रही हैं। अध्यापन और अध्ययन कार्य अब व्यवस्थित रूप से चल रहा है, जिससे छात्रों की शिक्षा में निरंतरता और गुणवत्ता दोनों में सुधार आया है।

 

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