छत्तीसगढ़ धान उत्पादन में पूरे देश में अपनी विशेष पहचान रखता है। यहां धान की कई किस्में पाई जाती हैं, जो समय, जलवायु और मिट्टी के अनुसार भिन्न-भिन्न परिस्थितियों में अनुकूलित होती हैं। इन्हीं विशेषताओं को गहराई से जानने और कृषि अनुसंधान को समझने के लिए उज्बेकिस्तान के छात्रों का प्रतिनिधिमंडल अगस्त माह में छत्तीसगढ़ आएगा।
प्रतिनिधिमंडल इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (आईजीकेवी) का दौरा करेगा। यहां छात्र धान की प्रजातियों पर चल रहे शोध कार्यों, पढ़ाई की प्रक्रिया और कृषि तकनीकों को समझेंगे। इस दौरे से अंतरराष्ट्रीय शिक्षा और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करने की दिशा में नया कदम उठेगा।
स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत उज्बेकिस्तान से छात्रों का यह पहला दल छत्तीसगढ़ की यात्रा पर आ रहा है। इस अध्ययन यात्रा से न केवल धान की किस्मों और उनकी उत्पादन प्रक्रिया की समझ विकसित होगी बल्कि दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग के नए अवसर भी खुलेंगे।
इस प्रतिनिधिमंडल में आईसीएआर का दल भी शामिल रहेगा, जो छात्रों को भारत की कृषि व्यवस्था और अनुसंधान पद्धतियों से अवगत कराएगा। साथ ही, यह दल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी मुलाकात करेगा और कृषि से जुड़े विचारों का आदान-प्रदान करेगा।
इस प्रकार, उज्बेकिस्तान के छात्रों की यह यात्रा कृषि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय रिश्तों को गहरा करने और छत्तीसगढ़ की धान की विशेषताओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
