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June 5, 2026
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छत्तीसगढ़

1994 बैच के अधिकारी अरुण कुमार पांडेय बने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव), विकास और बजट का भी मिला प्रभार

रायपुर: छत्तीसगढ़ के वन विभाग में बड़ी नियुक्ति की खबर है। भारतीय वन सेवा (IFS) के 1994 बैच के अधिकारी अरुण कुमार पांडेय को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य जीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) और मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक बनाया गया है। इसके साथ ही, उन्हें अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (विकास एवं योजना/बजट, लेखा एवं लेखा परीक्षा) का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ में वन्य जीव संरक्षण और वन प्रबंधन को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पांडेय का अनुभव और योगदान

सिविल इंजीनियरिंग में डिग्री और वानिकी में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त अरुण पांडेय पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अपने समर्पण के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बस्तर में इकोरेस्टोरेशन पॉलिसी को लागू करने और कोंडागांव के बड़े केनारा में सामुदायिक संरक्षण मॉडल को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाई है। खासतौर पर, पांडेय ने वन्य जीव अपराधों से जुड़े मामलों में अभियोजन की कमियों को उजागर किया है। उनके विश्लेषण के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में 90-95% वन्य जीव अपराध के मामलों में अभियुक्त बरी हो गए। इसे सुधारने के लिए उन्होंने एक संदर्भ गाइड भी तैयार किया है, जो वन अधिकारियों के लिए मददगार साबित हो रहा है।

नई जिम्मेदारी, नई उम्मीदें

पांडेय की इस नियुक्ति से छत्तीसगढ़ सरकार को उम्मीद है कि वन्य जीव संरक्षण और जैव विविधता के क्षेत्र में मजबूती आएगी। उनकी दूसरी जिम्मेदारी, यानी विकास, योजना और बजट प्रबंधन, वन विभाग के संसाधनों के बेहतर उपयोग और पारदर्शी प्रबंधन को सुनिश्चित करने में मदद करेगी। एक वन अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “पांडेय जी का अनुभव और दूरदृष्टि विभाग के लिए वरदान साबित हो सकती है।”

चुनौतियां और संभावनाएं

छत्तीसगढ़, जो अपने घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, वन्य जीव अपराधों और मानव-वन्य जीव संघर्ष की चुनौतियों से जूझ रहा है। पांडेय के नेतृत्व में सामुदायिक भागीदारी और कानूनी कार्रवाई को मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए जाने की उम्मीद है। उनकी पिछली पहल, जैसे बस्तर में सामुदायिक संरक्षण मॉडल, इस दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।

प्रशासन का भरोसा

छत्तीसगढ़ वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “पांडेय का अनुभव और उनकी कार्यशैली को देखते हुए हमें विश्वास है कि वे वन्य जीव संरक्षण और विभागीय योजनाओं को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।”

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