जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र के करही गांव में घटित यह घटना पूरे इलाके को हिला देने वाली साबित हुई। 15 सितंबर की सुबह गांव निवासी सूरज यादव और मनोज कश्यप शराब पीने के लिए आरोपी भोला टंडन के पास पहुंचे। शराब पीने के कुछ समय बाद ही दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। घबराए परिजन आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन इलाज के दौरान दोनों युवकों की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव में सनसनी फैला दी।
शुरुआत में मामला हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की गहन जांच में चौकाने वाला सच सामने आया। पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया कि यह कोई साधारण हादसा नहीं बल्कि पूर्वनियोजित हत्या थी। जांच में पता चला कि गांव के ही दो आरोपियों ने रंजिश के चलते विदेशी शराब में सुहागा मिलाकर यह साजिश रची थी।
मुख्य आरोपी सुरेंद्र उर्फ भोला टंडन और उसके चचेरे भाई अनिल टंडन को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। यह घटना केवल दो परिवारों के लिए ही नहीं बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी है कि निजी रंजिश और दुश्मनी कभी-कभी कितनी खतरनाक रूप ले सकती ह यह मामला पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का भी उदाहरण है। 24 घंटे के भीतर सच्चाई सामने आने से न केवल पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है, बल्कि समाज में यह संदेश भी गया है कि अपराध चाहे कितना भी सोच-समझकर किया गया हो, कानून के शिकंजे से बचना संभव नहीं है।
