बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी तैयारियों को तेज़ कर दिया है। पार्टी अब पूरी तरह एक्शन मोड में है और इस चुनाव को लेकर उसने एक मजबूत रणनीति बनाई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने 4 अक्टूबर 2025 को एक अहम सूची जारी की, जिसमें पार्टी ने तीन वरिष्ठ नेताओं को बिहार चुनाव का सीनियर ऑब्जर्वर नियुक्त किया है।
इस सूची में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी का नाम शामिल है। इन तीनों नेताओं को बिहार विधानसभा चुनाव की निगरानी और चुनावी तैयारियों को दिशा देने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी का मानना है कि इन नेताओं का अनुभव और संगठनात्मक समझ बिहार में कांग्रेस की स्थिति को मज़बूत करेगा।
इसके साथ ही कांग्रेस हाईकमान ने 41 जिलों में डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन ऑब्जर्वर्स की भी नियुक्ति की है। इस सूची में कई वरिष्ठ और सक्रिय नेता शामिल हैं, जिनमें अविनाश पांडे, भक्त चरण दास, अजय राय, अनिल चौधरी, बी.वी. श्रीनिवास, विकांत भूरिया, इरफान अंसारी, रोहित चौधरी और अनिल चौपड़ा जैसे नाम प्रमुख हैं। इन सभी को अपने-अपने जिलों में संगठन को सक्रिय करने, कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने और बूथ स्तर तक चुनावी रणनीति लागू करने का निर्देश दिया गया है।
कांग्रेस का यह कदम बताता है कि पार्टी बिहार चुनाव को लेकर बेहद गंभीर है। भाजपा और एनडीए के खिलाफ एक मजबूत चुनौती पेश करने के लिए कांग्रेस अपनी टीम को पूरी तरह सक्रिय कर रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि बिहार में जनहित के मुद्दों, केंद्र सरकार की नीतियों और राज्य की जरूरतों पर आधारित अभियान चलाया जाएगा।
भूपेश बघेल और अशोक गहलोत जैसे अनुभवी नेताओं के शामिल होने से उम्मीद जताई जा रही है कि कांग्रेस के चुनावी अभियान को नयी ऊर्जा और दिशा मिलेगी। वहीं अधीर रंजन चौधरी का संगठनात्मक अनुभव भी पार्टी के लिए अहम भूमिका निभाएगा।
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपने “मास्टरप्लान” का आगाज़ कर दिया है और संगठन को मज़बूत करते हुए राज्य में नई राजनीतिक जंग की तैयारी शुरू कर दी है।
