आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में स्थित काशीबुग्गा वेंकटेश्वर मंदिर में शनिवार सुबह श्रद्धा का माहौल अचानक मातम में बदल गया। एकादशी पर्व पर बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच भगदड़ मचने से 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे और कई महिलाएं शामिल हैं। वहीं 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सूत्रों के अनुसार, एकादशी के कारण मंदिर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ पड़े थे। भीड़ इतनी अधिक थी कि मंदिर परिसर में धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी बीच सीढ़ियों के पास रेलिंग टूटने से अफरा-तफरी मच गई। लोग गिरने लगे और भगदड़ फैल गई। कुछ लोग रेलिंग के नीचे दब गए, जिससे मौके पर ही कई लोगों की जान चली गई।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन राहत-बचाव कार्य में जुट गए। घायलों को तुरंत एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई श्रद्धालुओं की हालत नाजुक बनी हुई है।
राज्य सरकार ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की है और घायल लोगों के मुफ्त इलाज का निर्देश दिया है। प्रशासन ने मंदिर प्रबंधन को भीड़ नियंत्रण के बेहतर इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में मंदिर परिसर में जबरदस्त भीड़ दिखाई दी। कई महिलाएं और बच्चे चीखते-चिल्लाते हुए सुरक्षित बाहर निकलने की कोशिश करते नजर आए। वहीं, कई श्रद्धालु रेलिंग के नीचे दबे देखे गए, जिन्हें पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर बाहर निकाला।
यह हादसा इस बात की गंभीर चेतावनी देता है कि धार्मिक आयोजनों में भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था कितनी जरूरी है। श्रद्धा के इस पर्व पर हुई यह त्रासदी पूरे राज्य में शोक और चिंता का विषयबन गई है।
