छत्तीसगढ़ RI भर्ती परीक्षा में पेपर लीक और अनियमित चयन के आरोपों की जांच में ACB-EOW ने बड़ा एक्शन लिया है। रायपुर में आयुक्त भू-अभिलेख कार्यालय के सहायक सांख्यिकी अधिकारी वीरेंद्र जाटव और उप आयुक्त कार्यालय के सहायक सांख्यिकी अधिकारी हेमंत कौशिक को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि दोनों ने मोटी रकम लेकर प्रश्नपत्र लीक किया और अभ्यर्थियों को एग्जाम की तैयारी करवाई।
19 नवंबर की सुबह रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, गरियाबंद, अंबिकापुर, महासमुंद और जगदलपुर सहित 7 जिलों में 19 ठिकानों पर दबिश दी गई। अफसरों के सरकारी क्वार्टर, निजी घरों और पैतृक संपत्तियों की तलाशी ली गई। टीम को कैश, सोने-चांदी के गहने, संपत्ति के कागजात और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस मिले हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है।
जांच एजेंसी के अनुसार 7 फरवरी 2024 में हुई RI भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली की शिकायतें मिली थीं। फरवरी 2024 में घोषित परिणाम में 216 उम्मीदवार प्रशिक्षण के लिए चयनित हुए थे, लेकिन बाद में सिर्फ 13 का अंतिम चयन हुआ। इसी बीच 22 लोगों के विवादित चयन पर जांच समिति ने सवाल उठाए थे। शिकायतों में यह भी सामने आया कि कई उम्मीदवारों को परिजन या नजदीकी रिश्तेदारों के जरिए ‘मैनेज’ कर परीक्षा में बैठाया गया था।
इसी आधार पर ACB-EOW ने विस्तृत जांच शुरू की थी और अब दोनों अधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने पर गिरफ्तारी की गई है। डिजिटल डिवाइस, संदिग्ध ट्रांजैक्शन और अन्य दस्तावेजों की जांच आगे जारी है।
