July 22, 2026
The Defence
बड़ी खबर

श्योपुर में आवारा पशुओं को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन हिंसक, कलेक्ट्रेट तक मवेशी ले जाने की कोशिश, विधायक बाबू जंडेल समेत नेताओं पर FIR

मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन उस समय विवादों में आ गया, जब प्रदर्शनकारियों पर कलेक्ट्रेट परिसर की सुरक्षा भंग करने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने का आरोप लगा। पुलिस ने इस मामले में कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस कार्रवाई के बाद जिले की सियासत एक बार फिर गरमा गई है।

पुलिस और जिला प्रशासन के अनुसार, कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आवारा पशुओं को घेरकर जबरन कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर प्रवेश कराने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को तत्काल मौके पर तैनात किया गया। प्रशासन का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने समझाइश के बावजूद प्रदर्शन समाप्त नहीं किया और नारेबाजी करते हुए हंगामा जारी रखा।

जिला प्रशासन के मुताबिक, कलेक्टर के आदेशानुसार भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत कलेक्ट्रेट परिसर से 100 मीटर की परिधि में जुलूस, धरना, प्रदर्शन, सभा और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध लागू था। प्रारंभिक जांच में इस आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि कांग्रेस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के संयुक्त भवन का घेराव कर रहे हैं और मवेशियों को अंदर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस बल मौके पर पहुंचा और हालात को नियंत्रित किया। गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य प्रवेश द्वार पर ताला लगाकर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।

वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आवारा पशुओं की समस्या से आम जनता परेशान है और प्रशासन इस मुद्दे पर गंभीरता से काम नहीं कर रहा। उनका आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को जबरन रोका गया और राजनीतिक द्वेष के तहत कार्रवाई की गई। कांग्रेस ने इस मामले में पुलिस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और प्रदर्शन के दौरान यातायात बाधित करने, सरकारी आदेशों के उल्लंघन और सुरक्षा भंग करने के आरोपों की पड़ताल की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद श्योपुर जिले में राजनीतिक माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

Related posts

दिल्ली अस्पताल से नाटकीय गिरफ्तारी: गोवा क्लब आगकांड में वांछित अजय गुप्ता पकड़ा गया, पुलिस की कई दिन की तलाश हुई पूरी

admin

तेलंगाना के केमिकल प्लांट में धमाका: 10 मजदूरों की मौत, 20 से ज्यादा घायल; रिएक्टर में विस्फोट के बाद मच गई अफरा-तफरी

admin

₹10 लाख से कम कीमत वाली इस 7-सीटर कार ने जीता ग्राहकों का दिल, बनी सबसे ज्यादा बिकने वाली फैमिली कार

admin

Leave a Comment