1971 के युद्ध में भारत की ऐतिहासिक जीत और भारतीय सशस्त्र बलों के शौर्य, साहस व बलिदान की स्मृति में रायपुर में विजय दिवस के अवसर पर एक भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का आयोजन छत्तीसगढ़ और ओडिशा सब एरिया (COSA) के तत्वावधान में किया गया, जिसमें सेना के जवानों के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
साइकिल रैली की शुरुआत तेलीबांधा क्षेत्र से हुई और करीब 50 किलोमीटर का सफर तय करते हुए यह नया रायपुर के सेंद लेक पर जाकर संपन्न हुई। रैली में 50 से अधिक साइकिल प्रेमियों ने हिस्सा लिया, जिनमें पुरुष, महिलाएं और युवा सभी शामिल रहे। सेना के जवानों और नागरिकों की एक साथ भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया और यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हर नागरिक की सहभागिता से ही राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य देश के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करना और आम जनता के बीच राष्ट्रीय गौरव एवं देशभक्ति की भावना को और अधिक सशक्त करना रहा। रैली के दौरान देशभक्ति से जुड़े नारे, तिरंगे के साथ साइकिल सवारों का उत्साह और अनुशासन लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
आयोजकों ने बताया कि इस पहल के माध्यम से लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, साइकिल को पर्यावरण अनुकूल परिवहन साधन के रूप में प्रोत्साहित करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया गया। साइकिल रैली ने फिट इंडिया, स्वच्छ पर्यावरण और राष्ट्रप्रेम—तीनों को एक साथ जोड़ने का कार्य किया।
विजय दिवस की यह साइकिल रैली केवल 1971 की जीत की याद दिलाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह भी दर्शाया कि देशभक्ति केवल शब्दों या औपचारिक आयोजनों में नहीं, बल्कि ऐसे सकारात्मक और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से भी प्रभावी रूप से व्यक्त की जा सकती है। सेना और नागरिकों की संयुक्त भागीदारी ने रायपुर में राष्ट्रीय एकता, सम्मान और जिम्मेदारी की भावना को और अधिक मजबूत किया।
