महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। ओडिशा से महाराष्ट्र गांजा ले जाया जा रहा था, जिसे तस्करों ने एम्बुलेंस का सहारा लेकर छिपाने की कोशिश की। पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए एक एम्बुलेंस से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 6 जनवरी को ओडिशा–छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में टेमरी नाका के पास चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान महाराष्ट्र की ओर जाती एक पुरानी और जर्जर हालत में एम्बुलेंस पर संदेह हुआ। एम्बुलेंस पर ओडिशा का नंबर प्लेट लगा था और उसकी गतिविधियां सामान्य नहीं लग रही थीं। शक के आधार पर पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान एम्बुलेंस में दवाइयों के 16 कार्टन मिले। जब इन कार्टनों को खोलकर देखा गया तो उनके नीचे गांजा छिपाकर रखा गया था। इसके अलावा सीट के नीचे विशेष चेंबर बनाकर 14 प्लास्टिक बोरियों में गांजा भरा गया था। कुल मिलाकर एम्बुलेंस से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा बरामद किया गया।
पुलिस ने मौके से गांजे के साथ-साथ 4 मोबाइल फोन और एम्बुलेंस को भी जब्त कर लिया है। जब्त किए गए कुल सामान की कीमत 2,65,10,500 रुपये आंकी गई है। पूछताछ में सामने आया कि गांजा ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र के नागपुर ले जाया जा रहा था। तस्करी को छिपाने के लिए एम्बुलेंस का इस्तेमाल किया गया, ताकि किसी को शक न हो।
पुलिस ने इस मामले में नारकोटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है और क्या इससे पहले भी इसी तरीके से नशे की खेप ले जाई गई थी।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ में गांजा तस्करी के कई बड़े मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में बलरामपुर जिले में भी पुलिस ने ट्रक से करोड़ों रुपये का गांजा जब्त किया था। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि पुलिस नशा तस्करों पर शिकंजा कसने के लिए सख्त अभियान चला रही है।
