रायपुर धान खरीदी की प्रक्रिया को लेकर प्रदेश में एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गर्मा गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन और चक्काजाम का ऐलान किया है। पार्टी की प्रमुख मांग है कि धान खरीदी की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 28 फरवरी 2026 तक किया जाए, ताकि सभी किसानों को अपनी उपज बेचने का उचित अवसर मिल सके।
पार्टी के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उत्तम जायसवाल ने सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा व्यवस्था के कारण किसान मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों से किसान आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने के लिए मजबूर हो रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। उनका कहना है कि यदि समय पर धान खरीदी नहीं हुई और किसानों को राहत नहीं मिली, तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम हो सकते हैं।
सरकार द्वारा पहले धान खरीदी की अवधि 31 जनवरी तक निर्धारित की गई थी, लेकिन 29 जनवरी को ही खरीदी प्रक्रिया बंद कर दी गई, जिससे लाखों किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। कई छोटे किसान अभी भी टोकन से वंचित हैं और जबरन उनसे जबरन रकबा समर्पण कराया जा रहा है। इससे किसानों में नाराजगी और असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि टोकन के नाम पर किसानों का भौतिक सत्यापन कर उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। किसानों को दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। यही कारण है कि पार्टी ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है ताकि सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
इसी कड़ी में राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में आज चक्काजाम किया जा रहा है। रायपुर में नेशनल हाईवे-30 पर अभनपुर क्षेत्र में दोपहर 12 बजे चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण होगा, लेकिन जब तक सरकार किसानों की मांगों को नहीं मानती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
