रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम जामढोंढी भदरापारा में एक बेहद हृदयविदारक और सनसनीखेज घटना सामने आई है। रविवार, 8 फरवरी 2026 की शाम लगभग 6 बजे 30 वर्षीय विनोद महेश्वरी अपने छोटे बेटे (6 वर्ष) के साथ घर के बाहर देखा गया था, लेकिन अगले दिन सुबह जब उसके भाई मनोज महेश्वरी मकान के पीछे स्थित कुएँ के पास गए, तो कुएं के भीतर से विनोद की आवाज़ आई कि “मोटर बंद कर दो, वह भीतर है।” आसपास के लोगों की मदद से कुएँ की ओर देखने पर पता चला कि विनोद ने अपने बेटे की हत्या कर दी है।
पूछताछ पर विनोद ने स्वीकार किया कि उसने अपने 6 वर्षीय पुत्र को हत्या की नियत से पहले कुएं में फेंका और फिर स्वयं पानी में उतरकर उसे डुबोकर मौत के घाट उतार दिया। यह सुनकर आसपास के लोग सदमे में आ गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी। लैलूंगा पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी व मृतक को कुएँ से बाहर निकाला।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 38/2026 के तहत धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता में पंजीबद्ध किया। त्वरित कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी की पत्नी पारिवारिक विवाद के चलते अलग रह रही थी और विनोद लंबे समय से घरेलू तनाव और मानसिक दबाव का सामना कर रहा था। परिवार के सदस्य बताते हैं कि पारिवारिक मतभेद और व्यक्तिगत समस्याओं ने उसकी मानसिक स्थिति को और विकृत कर दिया था, जिससे उसने यह अत्यंत क्रूर कदम उठाया।
यह घटना स्थानीय समुदाय में एक गंभीर चेतावनी के रूप में उभर कर सामने आई है कि पारिवारिक तनाव, मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी और सामाजिक समर्थन की कमी कभी-कभी कितनी भयानक परिणति दे सकती है। इस प्रकार के मामलों में न केवल कानून आवश्यक है बल्कि समाज, परिवार और मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों की भी सक्रिय भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
