रायपुर जिले में प्रशासनिक सक्रियता का एक अलग ही दृश्य तब देखने को मिला, जब कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने औचक निरीक्षण के दौरान पिंक ई-रिक्शा की सवारी कर जमीनी हकीकत जानी। वे स्वयं ई-रिक्शा में बैठकर ग्राम परसदा से नया रायपुर तक करीब 12 किलोमीटर की यात्रा पर निकले। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ कुमार बिश्वरंजन भी साथ मौजूद रहे। इस पहल का उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति समझना और आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना रहा।
दौरे के दौरान कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी टंकियों और नल कनेक्शनों का निरीक्षण किया तथा निर्माण गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। शासकीय प्राथमिक शाला के सामने एक पान ठेले पर तंबाकू बिक्री पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए ठेला सील करने के निर्देश भी दिए गए। इससे साफ संदेश गया कि सार्वजनिक स्थलों, खासकर स्कूलों के आसपास, नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
नगर पालिका परिषद मंदिर हसौद कार्यालय में भी कलेक्टर ने औचक निरीक्षण किया। यहां कर्मचारियों की उपस्थिति, बैठने की व्यवस्था, भुगतान रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की जांच की गई। समय पर अटेंडेंस दर्ज करने के सख्त निर्देश दिए गए। ग्राम परसदा में सोख्ता गड्ढों, पंचायत रिकॉर्ड, पेंशन, राशन कार्ड और प्रमाण पत्रों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पिंक ई-रिक्शा चालक सीतू कोसले (निवासी कोटरभाटा, आरंग) से बातचीत कर उनकी आय और कार्यप्रणाली की जानकारी ली। चालक ने बताया कि ई-रिक्शा चलाकर उन्हें हर महीने 20 हजार रुपये से अधिक की आय हो रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बने हैं और परिवार भी संतुष्ट है। यात्रा पूरी करने के बाद कलेक्टर ने यूपीआई के माध्यम से किराया भुगतान कर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने का संदेश दिया।
यह पिंक ई-रिक्शा सेवा ‘बिहान’ योजना और एनआरएलएम के तहत संचालित है। अभनपुर और आरंग ब्लॉक की 40 महिलाओं को 40 इलेक्ट्रिक ऑटो निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं। इन ई-रिक्शाओं को ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म ‘रेपिडो’ से जोड़ा गया है, जिससे लोग मोबाइल ऐप के माध्यम से आसानी से सवारी बुक कर पा रहे हैं। कम किराया और पूरी तरह इलेक्ट्रिक होने के कारण यह सेवा पर्यावरण के अनुकूल भी मानी जा रही है।
