छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) द्वारा राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा 22 फरवरी को दो शिफ्टों में आयोजित की गई। पहली शिफ्ट सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक संपन्न हुई। परीक्षा प्रदेश के कुल 48 केंद्रों पर आयोजित की गई, जहां बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, हालांकि अनुपस्थित रहने वालों की संख्या भी उल्लेखनीय रही।
आंकड़ों के अनुसार, पहली शिफ्ट में पंजीकृत 19,247 अभ्यर्थियों में से 14,658 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जिससे उपस्थिति प्रतिशत लगभग 76.16 रहा। वहीं दूसरी शिफ्ट में 19,247 में से 14,363 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जो लगभग 74.64 प्रतिशत उपस्थिति दर्शाता है। कुल मिलाकर दोनों शिफ्टों में औसत उपस्थिति करीब 75 प्रतिशत रही, जबकि लगभग 25 प्रतिशत अभ्यर्थी परीक्षा से अनुपस्थित रहे। केवल रायपुर में ही 4500 से अधिक अभ्यर्थियों के अनुपस्थित रहने की जानकारी सामने आई है।
परीक्षा के स्तर की बात करें तो इस बार प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षाकृत कठिन माना गया। विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य अध्ययन के पेपर में विशेष रूप से इंडिया जीएस खंड में अर्थव्यवस्था और सामान्य विज्ञान से जुड़े सीधे तथ्यों पर आधारित प्रश्न पूछे गए, जिससे कई अभ्यर्थियों को कठिनाई हुई। छत्तीसगढ़ जीएस खंड में राज्य की योजनाओं, कार्यक्रमों, बजट, आर्थिक सर्वेक्षण और समसामयिक घटनाओं से संबंधित प्रश्न अपेक्षा से अधिक चुनौतीपूर्ण रहे।
सी-सेट का पेपर सामान्य स्तर का रहा। हिंदी और छत्तीसगढ़ी भाषा से सीमित संख्या में प्रश्न पूछे गए, जबकि गणित और रीजनिंग के प्रश्न आसान से मध्यम स्तर के थे। जिन अभ्यर्थियों ने नियमित अभ्यास किया था, उनके लिए यह पेपर अपेक्षाकृत सहज रहा। कुल मिलाकर इस वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा ने अभ्यर्थियों की तैयारी और समझ दोनों की कड़ी परीक्षा ली है। अब परीक्षार्थियों की नजर परिणाम पर टिकी है, हालांकि विशेषज्ञों की सलाह है कि परिणाम की प्रतीक्षा करने के बजाय मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुट जाना अधिक उचित रहेगा।
