रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुई एक चार्टर्ड एयर एंबुलेंस के दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर ने पूरे झारखंड सहित देशभर में चिंता पैदा कर दी है। यह विमान एक गंभीर रूप से बीमार मरीज को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहा था। विमान में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें मरीज, डॉक्टर, मेडिकल स्टाफ और चालक दल के सदस्य शामिल थे।
जानकारी के अनुसार, विमान ने रांची स्थित बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से निर्धारित प्रक्रिया के तहत उड़ान भरी थी। प्रारंभ में विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से बना हुआ था और आगे के नियंत्रण केंद्र को विधिवत सौंप दिया गया था। लेकिन उड़ान भरने के कुछ समय बाद अचानक विमान से संपर्क टूट गया। सूत्रों के मुताबिक, शाम करीब 7:34 बजे विमान से अंतिम बार संपर्क हुआ था। इसके बाद न तो कोई रेडियो सिग्नल प्राप्त हुआ और न ही दोबारा संपर्क स्थापित हो सका।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, विमान चतरा और सिमरिया सीमा क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। दुर्घटना के समय क्षेत्र में मौसम खराब बताया जा रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में बारिश हो रही थी और दृश्यता भी सामान्य नहीं थी। आशंका जताई जा रही है कि खराब मौसम और कम दृश्यता हादसे की एक प्रमुख वजह हो सकती है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा विस्तृत जांच के बाद ही होगा।
घटना की सूचना मिलते ही राज्य प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। विमान दुर्घटना की जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की टीम द्वारा की जाएगी। प्रशासन ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के कारणों और परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी सामने आ पाएगी।
यह घटना न केवल विमानन सुरक्षा के लिहाज से गंभीर है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत दुखद है। आपातकालीन चिकित्सा सेवा के रूप में संचालित एयर एंबुलेंस का इस तरह दुर्घटनाग्रस्त होना कई सवाल खड़े करता है। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है और विस्तृत जांच की प्रक्रिया जारी है।
