छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने चरणपादुका योजना के तहत प्रस्तावित करीब 50 करोड़ रुपये की जूते-चप्पल खरीद के टेंडर को फिलहाल रोक लगा दिया है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि संबंधित बोर्ड की मंजूरी के बिना ही टेंडर जारी किया गया, जिससे पूरी खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठे। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने टेंडर प्रक्रिया पर रोक लगाते हुए इसे निरस्त करने का आदेश दिया। इस योजना के तहत प्रदेश के लगभग 13 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते-चप्पल वितरित किए जाने थे
