बिलासपुर के जिला शिक्षा विभाग में नियुक्ति और पदोन्नति से जुड़े मामलों में अनियमितताओं के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए जांच शुरू कर दी है। शिकायतों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय टंडे और लिपिक सुनील यादव के खिलाफ जांच के आदेश जारी किए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों से पूरी प्रक्रिया की जांच कराने का निर्णय लिया गया है।
बताया जा रहा है कि अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में पात्रता और नियमों की अनदेखी करते हुए कुछ मामलों में अनियमित तरीके से नियुक्तियां देने के आरोप लगे हैं। इसके अलावा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण (रेशनलाइजेशन) की प्रक्रिया में भी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आई हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पदस्थापना और प्रमोशन से जुड़े मामलों में कथित रूप से अवैध वसूली की गई, जिससे मामला तूल पकड़ गया और इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची।
इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए संयुक्त संचालक आरपी आदित्य ने पूरे मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है। टीम को निर्देश दिया गया है कि वह सभी संबंधित दस्तावेजों की जांच करे और शिकायतकर्ताओं तथा संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज करे। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।
प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर शिक्षा विभाग में हलचल मची हुई है और सभी की नजरें अब जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
