लगातार बारिश के बीच खरोरा, तिल्दा और आरंग क्षेत्र में फ्लाई ऐश की बेतरतीब डंपिंग ने ग्रामीणों की ज़िंदगी को मुश्किल में डाल दिया है। सड़कें, खेल मैदान और खेत – सब इस राख से पट गए हैं। पानी के साथ बहकर यह फ्लाई ऐश नालियों में भर रही है और गांवों में जलजमाव की स्थिति बन गई है।
गांवों की गलियों से लेकर बच्चों के मैदान तक फ्लाई ऐश फैला
गांवों में खेल रहे बच्चों के मैदानों पर भी राख बिछ चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि मवेशी इसमें फंसकर घायल हो रहे हैं। पहले सिर्फ खेतों में डंपिंग होती थी, अब गांवों के अंदर पक्की सड़कों पर भी फ्लाई ऐश फेंकी जा रही है।
भूजल में भी घुल रहा जहर
पर्यावरण विशेषज्ञों ने चेताया है कि फ्लाई ऐश में मौजूद रासायनिक तत्व धीरे-धीरे भूजल में मिल रहे हैं। धीवरा, माठ, बंगोली, कोटा और मुरा जैसे गांवों में हैंडपंप और कुओं का पानी अब पहले जैसा नहीं रहा।
प्रशासन पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन से फ्लाई ऐश की डंपिंग पर तत्काल रोक लगाने और नियमानुसार निपटान की मांग की है। लोगों का कहना है कि यह केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि उनके स्वास्थ्य और जीवनशैली का संकट बन चुका है।
