भुज (गुजरात)। भारत ने एक बार फिर दुनिया को क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में अपनी ताकत दिखा दी है। गुजरात के कच्छ जिले में दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क तैयार हो रहा है। यह पार्क आकार में सिंगापुर, बहरीन और माल्टा जैसे 17 देशों से बड़ा है। कुल 72,600 हेक्टेयर में फैला यह पार्क पूरी तरह से चालू होने के बाद 30 गीगावाट बिजली पैदा करेगा, जो 1.74 करोड़ घरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है।
सोलर और विंड एनर्जी का अनोखा मेल
इस मेगा प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि यहां सोलर और विंड एनर्जी दोनों का उपयोग हो रहा है। दिन में तेज धूप और रात में चलने वाली हवाएं – दोनों को बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे 24 घंटे बिजली पैदा की जा सकेगी। यह पार्क भारत की क्लीन एनर्जी क्षमता को एक नई ऊंचाई देगा।
बिना पानी के सफाई: रोज़ 30,000 रोबोट करते हैं काम
इस प्रोजेक्ट में तकनीक का शानदार इस्तेमाल हुआ है। रेगिस्तानी इलाके में पानी की कमी को देखते हुए सोलर पैनल्स की सफाई के लिए खास रोबोट्स लगाए गए हैं। 30,000 से ज्यादा ऑटोमेटेड रोबोट हर दिन बिना पानी के पैनलों की सफाई करते हैं। इससे न सिर्फ समय और संसाधन की बचत होती है, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
2020 में पीएम मोदी ने रखी थी नींव, अब अंतिम चरण में निर्माण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2020 में इस प्रोजेक्ट की नींव रखी थी। अब यह प्रोजेक्ट अपने अंतिम चरण में है और 2026 तक पूरी तरह से चालू हो जाएगा। पीएम मोदी ने हाल ही में यहां का दौरा किया और कहा कि, “यह प्रोजेक्ट भारत को एनर्जी एक्सपोर्टर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
भारत को बनाएगा एनर्जी सुपरपावर
एनर्जी एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस प्रोजेक्ट से भारत न केवल अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि अतिरिक्त बिजली का निर्यात भी कर सकेगा। यह प्रोजेक्ट भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
