तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में संचालित एक पोल्ट्री फार्म ग्रामीणों के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। फार्म से उठने वाली तीव्र दुर्गंध और मक्खियों के झुंड ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि घरों में भोजन करना तक दूभर हो गया है।
बदबू से दम घुटने की नौबत
ग्रामवासियों के मुताबिक, पोल्ट्री फार्म की साफ-सफाई नहीं होने से चारों ओर सड़ी गंध फैल रही है। घरों में खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने के बाद भी बदबू अंदर घुस रही है। मक्खियों की तादाद इतनी बढ़ चुकी है कि भोजन पर बैठते ही वो झपट पड़ती हैं।
मानसून बना चिंता की वजह
बरसात के मौसम में गंदगी से बीमारी फैलने की आशंका और बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले ही डेंगू और मलेरिया जैसे रोगों का डर बना रहता है, ऊपर से यह पोल्ट्री फार्म हालात को और बिगाड़ रहा है।
प्रशासन से की कई बार शिकायत
गांववालों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार स्थानीय प्रशासन को अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं मिला तो वे आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि पोल्ट्री फार्म को रिहायशी इलाके से दूर स्थानांतरित किया जाए या फिर नियमित सफाई और कीट नियंत्रण की सख्त व्यवस्था हो। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए यह स्थिति खतरनाक बनती जा रही है।
