मध्य प्रदेश सरकार ने सड़क निर्माण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक अभिनव कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने एक ऐसा नया डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जिसके माध्यम से अब आमजन खुद सड़क की स्थिति की निगरानी कर सकेंगे और गड्ढों की जानकारी सरकार तक सीधे पहुँचा सकेंगे।
इस व्यवस्था के तहत, सरकार ने एक नया एप लॉन्च किया है। यदि किसी नागरिक को कहीं भी सड़क पर गड्ढा या खराब स्थिति नजर आती है, तो वह व्यक्ति उसी स्थान की फोटो खींचकर ऐप पर अपलोड कर सकता है। यह फोटो अपने आप उस सड़क निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के पास पहुँच जाएगी। ठेकेदार को यह जानकारी मिलते ही संबंधित स्थान पर मरम्मत करनी होगी।
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यदि सूचना मिलने के बावजूद संबंधित ठेकेदार मरम्मत कार्य नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें दंडात्मक प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। यह निर्णय खासतौर पर उन क्षेत्रों में लापरवाह ठेकेदारों पर अंकुश लगाने और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए लिया गया है।
यह पहल न केवल नागरिकों को सशक्त बनाती है, बल्कि प्रशासन और निर्माण एजेंसियों के बीच पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की भावना भी विकसित करती है। डिजिटल तकनीक का उपयोग कर सरकार ने नागरिकों को एक ऐसा प्लेटफॉर्म दिया है जिससे वे सीधे शासन प्रक्रिया का हिस्सा बन सकते हैं।
