रायपुर | छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार अब डिजिटल क्रांति को गाँव-गाँव तक पहुंचाने की तैयारी में है। बुधवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य में 5000 नए मोबाइल टॉवर लगाने की योजना को मंजूरी दी।
यह टॉवर विशेष रूप से बस्तर, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कांकेर, जशपुर और सरगुजा जैसे जिलों में लगाए जाएंगे, जहां अभी तक नेटवर्क बेहद कमजोर या पूरी तरह अनुपलब्ध है।
सीएम ने कहा – ‘डिजिटल अधिकार हर नागरिक तक पहुंचे’
मुख्यमंत्री ने अफसरों को सख्त निर्देश दिए कि नेटवर्क विहीन या कमजोर सिग्नल वाले इलाकों को चिह्नित कर प्राथमिकता से वहां 4G नेटवर्क उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा,
“हमारी कोशिश है कि हर नागरिक को सरकारी योजनाओं की जानकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और बैंकिंग जैसी जरूरी सुविधाएं ऑनलाइन मिले। इसके लिए कनेक्टिविटी सबसे पहली जरूरत है।”
योजना की मुख्य बातें:
- 5000 मोबाइल टॉवर का नेटवर्क तैयार किया जाएगा
- BSNL और निजी कंपनियों की साझेदारी से होगा कार्य
- दूर-दराज, नक्सल प्रभावित, आदिवासी और पहाड़ी इलाकों में प्राथमिकता
- डिजिटल इंडिया मिशन के तहत ई-गवर्नेंस को मजबूती मिलेगी
क्या बदल जाएगा इस योजना से?
- क्षेत्र बदलाव
- शिक्षा ग्रामीण छात्र अब ऑनलाइन क्लास से जुड़ सकेंगे
- स्वास्थ्य टेलीमेडिसिन से मरीज को घर बैठे परामर्श मिलेगा
- रोजगार ग्रामीण युवाओं को ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स से फायदा
- सुरक्षा नक्सल इलाकों में पुलिस संचार व्यवस्था मजबूत होगी
- सरकारी सेवाएं राशन कार्ड, पेंशन, आवास योजनाएं ऑनलाइन उपलब्ध
तकनीकी दृष्टि से बड़ा कदम:
यह परियोजना केंद्र सरकार की भारत नेट योजना और राज्य सरकार की ई-गवर्नेंस मिशन का हिस्सा होगी। इसके लिए राज्य सरकार जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगी।
