रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में चल रहे SIR (Special Intensive Revision) सर्वे के दौरान बड़ी प्रशासनिक गड़बड़ी सामने आई है। सर्वे में कई मतदाताओं के मकान नंबर और पते गलत दर्ज पाए गए हैं, जिससे मतदाता सूची की शुद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
शिकायतें मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और मामले की गंभीरता को देखते हुए 3 सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को सर्वे प्रक्रिया, फील्ड स्तर पर की गई एंट्री और दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि त्रुटियां लापरवाही से हुईं या सिस्टमेटिक गड़बड़ी का हिस्सा हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यदि जांच में बड़े पैमाने पर गलतियां पाई जाती हैं तो प्रभावित क्षेत्रों में दोबारा सत्यापन भी कराया जा सकता है। वहीं, मतदाताओं से अपील की गई है कि वे अपनी प्रविष्टियां जांचें और गलती पाए जाने पर सुधार के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करें।
इस पूरे मामले ने भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत किए जा रहे SIR सर्वे की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
