रायपुर, 8 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के असिस्टेंट कमांडेंट रॉंकी कसाला ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाते हुए उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में 542वीं रैंक प्राप्त कर सफलता का परचम लहराया है। उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों के बीच भी खुशी का माहौल है।
रॉंकी कसाला मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के निवासी हैं। पिछले तीन वर्षों से वे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के अति संवेदनशील और नक्सल प्रभावित जगरगुंडा क्षेत्र में तैनात हैं। इस दौरान उन्होंने कई बड़े एंटी-नक्सल अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई और सुरक्षा बलों के साथ मिलकर कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों को अंजाम दिया। जानकारी के अनुसार, वे नक्सली कमांडर हिड़मा और देवा के खिलाफ चलाए गए अभियानों में भी शामिल रहे हैं। वर्तमान में उनकी तैनाती सुकमा जिले के कुंदेड़ स्थित सीआरपीएफ कैंप में है।
कठिन ड्यूटी और लगातार ऑपरेशनों के बावजूद रॉंकी कसाला ने अपनी पढ़ाई जारी रखी। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनाती के दौरान जहां एक ओर उन्हें गश्त और सुरक्षा से जुड़ी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती थीं, वहीं दूसरी ओर वे समय निकालकर यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी करते रहे। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे।
रॉंकी कसाला ने बताया कि उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा तीन बार दी। पहले प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली, जबकि दूसरे प्रयास में वे इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद अंतिम चयन से चूक गए। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तीसरे प्रयास में आखिरकार सफलता हासिल कर ली। उनका मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी सफलता प्राप्त की जा सकती है।
रॉंकी कसाला की यह सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी कहानी यह साबित करती है कि दृढ़ निश्चय, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
