31.2 C
Raipur
April 17, 2026
The Defence
छत्तीसगढ़

नाले का गंदा पानी नदी में गिरने पर भड़के विधायक, 5 दिन में सुधार के अल्टीमेटम से मचा हड़कंप

रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा की वास्तविक स्थिति जानने के लिए विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेश मूणत ने क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सरोना और चंदनडीह इलाके में चल रहे तथा पूर्ण हो चुके विकास कार्यों का मौके पर जाकर जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान विधायक उस समय बेहद नाराज हो गए, जब चंदनडीह में करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से बने एसटीपी प्लांट के बावजूद गंदा और दूषित नाले का पानी सीधे खारून नदी में गिरते पाया गया। इस गंभीर लापरवाही पर उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि पांच दिनों के भीतर ठोस कार्ययोजना बनाकर स्थिति में सुधार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके अलावा विधायक ने अमृत मिशन 2.0 के तहत सरोना में प्रस्तावित 9 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले उद्यान के लिए शीतला मंदिर के पीछे स्थित खाली भूमि का निरीक्षण किया। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को तत्काल सीमांकन कर लेआउट प्लान तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना में देरी न हो।

विधायक ने चंदनडीह से सरोना होते हुए महादेव घाट तक नए बायपास रोड निर्माण के प्रस्ताव को भी जल्द बजट में भेजने को कहा। उनका कहना था कि इस सड़क के बनने से क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव से आम लोगों को राहत मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने ट्रेंचिंग ग्राउंड की सफाई व्यवस्था का भी निरीक्षण किया और कार्य को तय समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि विकास कार्य सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने चाहिए। जनता के पैसों से बने प्रोजेक्ट्स में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

Related posts

मेकाहारा में स्टाफ की भारी कमी से हंगामा: वार्ड बॉय नहीं मिला, अटेंडर और डॉक्टरों में झड़प

admin

रायपुर मोजो मशरूम फैक्ट्री कांड: 4 ठेकेदारों पर FIR, नाबालिगों से 18 घंटे कराई मजदूरी, 97 मजदूरों का रेस्क्यू

admin

छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में 41 आदिवासी परिवारों के 125 सदस्यों ने फिर से हिंदू धर्म अपनाया ।

admin

Leave a Comment